1964 में स्थापित अ.प्र.स.स. लाल सूची (IUCN Red List of Threatened Species)जैविक प्रजातियों के वैश्विक संरक्षण की स्थिति की दुनिया की सबसे व्यापक सूची है।

यह हजारों प्रजातियों और उप-प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए मापदंड का उपयोग करता है। ये मापदंड दुनिया की सभी प्रजातियों और सभी क्षेत्रों के लिए प्रासंगिक हैं।

अपने मजबूत वैज्ञानिक आधार के साथ अ.प्र.स.स., लाल सूची को जैविक विविधता की स्थिति के लिए सबसे आधिकारिक मार्गदर्शक के रूप में मान्यता प्राप्त है।

स्थापना : 1964
मुख्यालय : यूनाइटेड किंगडम

अ.प्र.स.स. पक्षियों के लिए आधिकारिक रूप से Birdlife International को लाल सूची मानता है।

लाल सूची में शामिल प्रजातियों की संख्या समय के साथ बढ़ रही है। 2019  के अनुसार, 105000 प्रजातियों का सर्वेक्षण किया गयाजिसमें 28338 को मानव गतिविधिशिकार और भूमि विकास के कारण विलुप्त होने के खतरे में माना गया है।

श्रेणियाँ
प्रजातियों को अ.प्र.स.स. लाल सूची में नौ समूहों में वर्गीकृत किया गया हैजो कि विलुप्त होने की दरजनसंख्या का आकार,  भौगोलिक वितरण के क्षेत्र और वितरण विखंडन जैसे मानदंडों से निर्दिष्ट हैं।

विलुप्त
विलुप्त (Extinct या EX)
वन-विलुप्त (Extinct in the Wild या EW)

संकटग्रस्त
गंभीर रूप से विलुप्तप्राय (Critically Endangered या CR)
विलुप्तप्राय (Endangered या EN)
असुरक्षित  (Vulnerable या VU)

कम जोखिम
संरक्षण पर निर्भर (Conservation Dependent या CD)
संकटासन्न (Near Threatened या NT)
खतरे से बाहर (Least Concern या LC)

अन्य
आंकड़ों का अभाव (Data Deficient या DD)
अनाकलित (Data Deficient या DD)

विलुप्त : जाति पूर्ण रूप से समाप्त हो चुकी है।

वन-विलुप्त :  जाति वनों से पूर्णतः समाप्त हो चुकी है और बचे हुए जीव केवल चिड़ियाघरों या किसी कृत्रिम निवास स्थान पर हैं।

गंभीर रूप से विलुप्तप्राय :  जाति का वनों से विलुप्त होने का घोर संकट बना हुआ है।

विलुप्तप्राय : जाति का वनों से विलुप्त होने का संकट बना हुआ है। 
  
असुरक्षित :  जाति की वनों में संकटग्रस्त हो जाने की संभावना है।

संकट-निकट : जाति की निकट भविष्य में संकटग्रस्त होने की संभावना है।

संकटमुक्त :  निकट भविष्य में विलुप्त होने की संभावना नहीं है।

आंकड़ों का अभाव :  जाति के बारे में आंकड़ों की कमी से उसकी संरक्षण स्थिति और संकट का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

अनांकलित : जाति की संरक्षण स्थिति का अ.प्र.स.स. के संरक्षण मानदंड पर आँकन अभी नहीं किया गया है।