राजनीतिक स्वतंत्रता के बाद भारत में कई रियासतों को मिलाया गया था। इन्हीं रियासतों और ब्रिटिश अधिकृत प्रांतों को मिलाकर भारतीय राज्य बनाए गए थे। स्वतंत्रता के पश्चात आधुनिक भारत के गोवा, दमन और दीव पुर्तगाल के अधीन थे, यमन, माहे, पॉन्डिचेरी, कराईकल और चंदननगर फ्रांस के अधीन थे। 

भारत का संविधान 1950 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय भारत के प्रदेशों को तीन भागों में विभाजित किया गया था। 

भाग A : इस सूची में उन राज्यों को रखा गया था जो स्वतंत्रता के पूर्व ब्रिटिश अधिकृत प्रांत थे। इस सूची में असम, उड़ीशा, उत्तर प्रदेश(संयुक्त प्रांत), पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार, बॉम्बे, मद्रास और मध्य प्रदेश थे। 

भाग B : इस सूची में वे राज्य थे जिन पर राजप्रमुख राज करते थे, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती थी। जम्मू और कश्मीर, पटियाला और पूर्वी पंजाब संघ, मध्य भारत, मैसूर, राजस्थान, सौराष्ट्र, हैदराबाद और त्रावणकोर-कोचीन आदि राज्य इसमें शामिल थे। 

भाग C : इन राज्यों में राष्ट्रपति द्वारा मुख्य आयुक्त की नियुक्ति की जाती थी। ये राज्य अजमेर, कच्छ, कुर्ग, दिल्ली, र्बिलासपुर, भोपाल, मणिपुर, विंध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा थे। 

भाग D : इसमें अकेला अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह,केंद्र शासित प्रदेश था। 

नए राज्यों का निर्माण 

1953 में आंध्र राज्य भाषाई आधार पर अलग होने वाला भारत का पहला राज्य था। यह मद्रास राज्य के तेलुगु क्षेत्र को मिलाकर एक नए राज्य का गठन किया गया था। 

1954 में बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश का भाग बनाया गया। 

1955 में चंदननगर, पश्चिम बंगाल में शामिल किया गया। 

1956 में कई नए राज्यों का गठन हुआ था। 31 अगस्त, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ जो उस वर्ष 01 नवंबर को लागू हुआ था। इस दौरान कई नए राज्य बनाए गए थे। 

आंध्रप्रदेश : हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषाई क्षेत्र, तेलांगाना और आंध्र राज्य को मिलाकर आंध्रप्रदेश राज्य का गठन किया गया। 

बॉम्बे : कच्छ राज्य और सौराष्ट्र राज्य को बॉम्बे में मिला दिया गया तथा मध्य प्रांत और बेराड़ के मराठी क्षेत्र एवं हैदराबाद के मराठवाड़ा क्षेत्र को भी बॉम्बे में मिला दिया गया था। हालाँकि, बॉम्बे के दक्षिणी भाग को मैसूर में मिलाया गया था। 

केरल : यह एक नया राज्य बना था। त्रावणकोर-कोचीन के उत्तरी भाग और मद्रास के उत्तरी भाग को मिलाकर केरल राज्य का गठन किया गया।    

मद्रास : राज्य में कई बदलाव हुए थे। बॉम्बे के दक्षिणी भाग और त्रावणकोर-कोचीन के दक्षिणी जिले (कन्याकुमारी) को मद्रास में जोड़ा गया था। लक्कादीव-मिनिकॉय-अमिनीदिवि द्वीप को मद्रास से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 

मध्यप्रदेश : भोपाल, मध्यभारत और विंध्य भारत के क्षेत्रों को इस राज्य में मिला दिया गया। मध्यप्रदेश के नागपुर (मराठी भाषी क्षेत्र) को बॉम्बे में मिलाया गया। 

मैसूर : कुर्ग राज्य और मद्रास, बॉम्बे और हैदराबाद राज्यों के कन्नड़ भाषाई क्षेत्रों को मैसूर में मिला दिया गया। 

पंजाब : पटियाला और पूर्वी पंजाब संघ को पंजाब का हिस्सा बनाया गया। 

पश्चिम बंगाल : बिहार के कुछ क्षेत्र को पश्चिम बंगाल में मिलाया गया। 

राजस्थान : अजमेर राज्य का राजस्थान में विलय।

केंद्र शासित प्रदेश : 1956 मे पहले केवल अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत का एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश था। 01 नवंबर, 1956 को लक्कादीव-मिनिकॉय-अमिनीदिवि द्वीप (मद्रास राज्य से), दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया। 

1957 : 29 नवंबर, 1957 को असम से अलग करके नागालैंड को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।  

1960 : 01 मई को बॉम्बे राज्य को गुजराती और मराठी भाषाई क्षेत्रों के आधार पर विभाजित कर दिया गया। उत्तरी भाग को गुजरात राज्य तथा दक्षिणी भाग को महाराष्ट्र राज्य बनाया गया। 

1961 : 11 अगस्त, 1961 को दादरा और नगर हवेली भारत का हिस्सा बना और इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। 

1961 : 19 दिसंबर, 1961 को गोवा, दमन और दीव भारत का हिस्सा बने तथा इन्हें मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश गोवा और दमन और दीव का गठन किया गया।  

1962 : 16 अगस्त, 1962 को यमन, माहे, पॉन्डिचेरी और कराईकल भारत के अंग बने और इन्हें मिलाकर पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश का गठन किया गया। 

1963 : केंद्र शासित प्रदेश नागालैंड को 01 दिसंबर, 1963 को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। 

1966 : 01 नवंबर, 1966 को पंजाब राज्य में कई बदलाव हुए। पंजाब के उत्तरी भाग को केंद्र शासित प्रदेश हिमाचल प्रदेश का हिस्सा बनाया गया। राज्य के पूर्वी भाग को हरियाणा राज्य बनाया गया। चण्डीगढ़ शहर को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया जो संयुक्त रूप से पंजाब और हरियाणा की राजधानी है। 

1969 : मद्रास का नाम बदलकर तमिलनाडु कर दिया गया। 

1971 : केंद्र शासित प्रदेश हिमाचल प्रदेश को 25 जनवरी, 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। 

1972 : केंद्र शासित प्रदेशों मणिपुर और त्रिपुरा को 21 जनवरी, 1972 को पूर्ण राज्यों का दर्जा दिया गया। इसी दिन असम से अलग करके मेघालय को राज्य तथा अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को असम से अलग करके दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए। 

1973 : मैसूर राज्य का नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया। 

1975 : 16 मई, 1975 को सिक्किम भारत का हिस्सा बना और सिक्किम साम्राज्य का अंत हुआ। 

1987 : 20 फरवरी 1987 को केंद्र शासित प्रदेशों अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। 

1987 : 30 मई, 1987 को केंद्र शासित प्रदेश गोवा और दमन और दीव को विभाजित किया गया। गोवा को राज्य बनाया गया और दमन और दीव को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 

2000 : वर्ष 2000 में तीन राज्यों का गठन किया गया। 01 नवंबर को मध्य प्रदेश से अलग करके छत्तीसगढ़ को, 09 नवंबर को उत्तरप्रदेश से अलग करके उत्तरांचल को तथा 15 नवंबर को बिहार से अलग करके झारखण्ड को नया राज्य बनाया गया था। 

2007 : उत्तरांचल का नाम बदलकर उत्तराखण्ड किया गया। 

2014 : 02 जून को आंध्र प्रदेश के उत्तरी-पश्चिमी भाग को लग करके तेलंगाना राज्य का गठन किया गया। 

2019 : 31 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर राज्य को दो भागों में विभाजित किया गया - जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख। साथ ही इन दोनों ही क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया। 

2020 : 26 जनवरी को दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव बना दिया।