द्रोणाचार्य पुरस्कार, खेल और खेलों में उत्कृष्ट कोचों को प्रदान किया जाता है। इसका नाम गुरु द्रोण के नाम पर रखा गया है, जो महाभारत में कौरवों और पांडवों के गुरु थे। यह खेल मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में द्रोणाचार्य की कांस्य प्रतिमा, प्रमाण पत्र, औपचारिक पोशाक, और 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है। 1985 में सर्वप्रथम यह पुरस्कार भलाचंद्र भास्कर भागवत (कुश्ती), ओम प्रकाश भारद्वाज(मुक्केबाजी) और ओ एम नाम्बियार(एथलेटिक्स) को दिया गया था। 1985 में स्थापित यह पुरस्कार 1988, 1989, 1991, 1992, 1993 और 2008 में किसी भी कोच को प्रदान नहीं किया गया।
2020 में पुरस्कार पाने वाले कोच (रेगुलर केटेगरी)
| वर्ष | खिलाड़ी | खेल |
|---|---|---|
| 2020 | जूड फेलिक्स | हॉकी |
| 2020 | योगेश मालवीय | मलखंब |
| 2020 | जसपाल राणा | निशानेबाजी |
| 2020 | कुलदीप कुमार हंडू | वुशु |
| 2020 | गौरव खन्ना | पैरा बैडमिंटन |
2020 में पुरस्कार पाने वाले कोच (लाइफटाइम केटेगरी)
| वर्ष | खिलाड़ी | खेल |
|---|---|---|
| 2020 | धर्मेंद्र तिवारी | तीरंदाजी |
| 2020 | पुरुषोत्तम राय | एथलेटिक्स |
| 2020 | शिव सिंह | मुक्केबाजी |
| 2020 | रमेश कुमार हुड्डा | कबड्डी |
| 2020 | विजय भालचंद्र मुनिश्वर | पैरा लिफ्टर |


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