यह पुरस्कार 1895 में स्थापित 05 नोबेल पुरस्कारों में से एक है।

पहला पुरस्कार - एक्स रे की खोज के लिए, विलहम रॉटजन को 1901 में। 

सबसे हाल का पुरस्कार - 2020 में एंड्रिया गेजरेनहार्ड जेनजेल और रोजर पेनरोज को दिया गया। 

1901 से अब तक 114 पुरस्कार दिए जा चुके हैं। कुल 06 बार यह पुरस्कार नहीं दिया गया : 1916, 1931, 1934, 1940, 1941 और 1942. 

कुल पुरस्कार - 114 
कुल व्यक्ति - 216
महिलाएं - 04
अकेले जीतने वाले - 47
दो में साझा - 32
तीन में साझा - 35
 
कम उम्र
लॉरेंस ब्रैग सबसे कम उम्र में भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले व्यक्ति है। 1915 में पुरस्कार मिलने के समय उनकी उम्र 25 वर्ष थी। 

सर्वाधिक उम्र 
आर्थर एसकिन को 2018 में 96 वर्ष की आयु में भौतिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला था। 


एक से अधिक बार
जॉन बार्डीन - एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें भौतिक विज्ञान में दो बार नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्हें 1956 और 1972 में ये पुरस्कार दिया गया था। 


नोबेल पुरस्कार पाने वाले परिवार के सदस्य :
पियरे क्यूरी और उनकी पत्नी मेरी क्यूरी ने 1903 का भौतिकी का पुरस्कार साझा किया था। मेरी क्यूरी को 1911 का रसायन का पुरस्कार मिला था। 

पियरे क्यूरी की पुत्री इरीन ज्योलियो-क्यूरी को 1935 में रसायन का नोबेल पुरस्कार मिला था। 

1906 का भौतिकी का पुरस्कार पाने वाले जोसेफ़ जॉन थॉमसन के पुत्र जॉर्ज पेजेट थॉमसन को 1937 में भौतिकी का पुरस्कार मिला था।

विलियम हेनरी ब्रैग और उनके पुत्र विलियम लॉरेंस ब्रैग ने 1915 का भौतिकी का पुरस्कार साझा किया था। 

1922 का भौतिकी का पुरस्कार पाने वाले निल्स बोहर के पुत्र आजे बोहर को 1975 में भौतिकी का पुरस्कार मिला था। 

1924 का भौतिकी का पुरस्कार पाने वाले माने जॉर्ज सिगबैन के पुत्र काई मन्ने बोर्गे सिगबैन को 1981 में भौतिकी का पुरस्कार मिला था।

1930 का भौतिकी का पुरस्कार पाने वाले चंद्रशेखर वेंकट रमन के भतीजे सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर को 1983 में भौतिकी का पुरस्कार मिला था।  

(नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सभी जोड़ियाँ)

महिलाएं जिन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला : 
1903 - मैरी क्यूरी 
1963 - मारिया गोएपर्ट-मेयर 
2018 - डोना स्ट्रिकलैंड
2020 - एंड्रिया गेज


भौतिकी का नोबेल पुरस्कार पाने वाले भारतीय : 
1930 में चंद्रशेखर वेंकट रमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। इस क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं। 

ब्रिटिश भारत में जन्मे भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर को 1983 में यह पुरस्कार मिला था।